करवा चौथ में करवा 7 बार क्यों फेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता और महत्व
करवा चौथ में करवा 7 बार क्यों फेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता और महत्व करवा चौथ पर आपने महिलाओं को पूजा के समय करवा या पूजा की थाली सात बार फेरते हुए देखा होगा। इस रस्म के दौरान महिलाएँ पारंपरिक गीत गाती हैं और एक-दूसरे के करवे का आदान-प्रदान भी करती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर करवा चौथ में करवा सात बार ही क्यों फेरा जाता है? इसके पीछे क्या मान्यता है और इस रस्म का सुहागिन महिलाओं के जीवन से क्या संबंध है? आइए जानते हैं। करवा चौथ में करवा फेरने की परंपरा क्या है? करवा चौथ की पूजा में कई स्थानों पर महिलाएँ एक साथ बैठकर व्रत कथा सुनती हैं। इसी दौरान वे अपनी क्षेत्रीय और पारिवारिक परंपरा के अनुसार करवा या पूजा की थाली एक-दूसरे को सात बार फेरती या बदलती हैं। कई जगह इस रस्म के दौरान महिलाएँ पारंपरिक गीत गाती हैं और एक-दूसरे के सुखी वैवाहिक जीवन तथा अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इसे करवा फेरने या करवा बदलने की रस्म कहा जाता है। हालाँकि, यह विधि हर क्षेत्र और परिवार में एक जैसी नहीं होती। कहीं करवे बदले जाते हैं, तो कहीं पूजा की थालियाँ एक-दूसरे को दी जाती हैं। <Cit...