नवरात्रि में कन्या पूजन का महत्व: उम्र के अनुसार 9 देवी स्वरूप, सही विधि और जरूरी नियम
Writing नवरात्रि में कन्या पूजन का महत्व: उम्र के अनुसार 9 देवी स्वरूप, सही विधि और जरूरी नियम लेखक: Soul of Life 71 नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना, शक्ति और भक्ति का पावन पर्व है। इन नौ दिनों में भक्त माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन छोटी-छोटी बालिकाओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। उन्हें आदरपूर्वक भोजन कराया जाता है और अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार तथा दक्षिणा भेंट की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देवी भागवत पुराण में दो से दस वर्ष तक की कन्याओं के नौ अलग-अलग स्वरूप बताए गए हैं? प्रत्येक स्वरूप के पूजन से जुड़ा एक विशेष धार्मिक फल भी वर्णित है। आइए जानते हैं कन्या पूजन का महत्व, उम्र के अनुसार नौ स्वरूप, पूजन की विधि और इससे जुड़े जरूरी नियम। 1. कन्या पूजन का धार्मिक महत्व क्या है? हिंदू धार्मिक मान्यताओं में कन्या को देवी शक्ति का प्रतीक माना गया है। कन्या पूजन के माध्यम से माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है और बालिकाओं में देवी स्वरूप का सम्मान क...